~ ~ ~ शेर-ओ-शायरी ~ ~ ~
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तुम क्या आये बोझ सा ले आये,
बस जागे दिन रोज़ सा ले आये,
ना जश्न बस सोज़ सा ले आये,
तुम ना आये बोझ सा ले आये!
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