Friday, August 21, 2026

…नदी सा!

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एक नदी है,

जो मुझमें बहती है,

एक नदी है,

कभी मैं उसमें बहता हूँ,

रुकती नहीं,

झुकती हुई,

उभरती है,

कभी अपनी सी शांत,

कभी मुझ सी झुंझलाती,

कभी किनारों के पार जाती,

कभी हर सरहद में समाती,

एक मुझ सी नदी है,

एक नदी सा मैं हूँ!

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§

Wednesday, August 19, 2026

… सब ठीक है।

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जो चलता उसकी मर्ज़ी है,

और बिसात सब फ़र्ज़ी है,

उसकी हर चाल सटीक है,

बहते हुए चलो सब ठीक है।

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~ ~ ~ the seeker is sought ~ ~

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