Saturday, April 18, 2026

… दूब बूँद बरस!

~ ~ ~

अब के जब बरसे तो तुम नंगे पाँव आना,

दूब पे पड़ी बूँदों को अपने पाँव सहलाना,

फिर जो दिल करे बेझिझक करते जाना,

तुमको दूब बूँद का एहसास ख़ास होगा,

मेरा ख़याल होगा और मेरे ही पास होगा,

तुमसे बिछड़ा तो बादल ही तो बना हूँ मैं,

तुमसे मिलने को दूब बूँद बरस पड़ा हूँ मैं!

~ ~ ~

§

No comments:

Post a Comment

My photo
~ ~ ~ the seeker is sought ~ ~

Followers