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कोई मिर्ची-मसाला नहीं,
क्या बेरंग फीकी आलू तरकारी है,
कोई तरक़्क़ी-इज़ाफ़ा नहीं,
क्या तुम्हारी नौकरी भी सरकारी है!
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कोई मिर्ची-मसाला नहीं,
क्या बेरंग फीकी आलू तरकारी है,
कोई तरक़्क़ी-इज़ाफ़ा नहीं,
क्या तुम्हारी नौकरी भी सरकारी है!
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